अजनबी होठों की

अन्जान सी आहट

दिल को छू गई

किसी की मुस्कराहट

वो बता रही थी

दिल की भाषा

दूर होने लगी

जीवन की हताशा

वो, शायद, मांग

रही थी प्यार

लुट रही थी

मेरा चैन-करार

कर रही थी

आँखों से

प्यार का इजहार


एक पल तो

यु लगा जैसे

समय ruका

मैं उस mai खोया

दिल उसकी or jhuka

उसकी hulchale

कर रहे थे

कई wade

gumgin दिल me

badal रहे थे इरादे

बिन कहे

band होठों से

हुई कई batein

jurdne लगे थे

anjane से nate

.............

.........................

.......................................

..............................

...................

or तभी

alarm baji

मैं नींद से jaga

हुई थी देर

jhatpat कॉलेज

को bhaga

लेकिन रह me

सोचता रहा bar bar

दिख jata वो cehra

बस एक bar

................

,,,,,,,,,,,,,,,,,,

..................

..............................

...........

कई दिनों तक

वो cehra

याद आता रहा

हर वक्त मेरे samne

muskurata रहा

...

chupa लिया था

उसने मेरा सुख चैन

हर पल duniya को

मैं bhulata रहा

उसकी anjani

मुस्कराहट me

ख़ुद को पता रहा..................



Comments

Unknown said…
This comment has been removed by the author.
Unknown said…
as usuall....sifr tarikiyo ko khwab me hi dekhta hai..samne aati hai to sab bolti band....he he he