लॉकडाउन कब का ख़त्म हो चूका है| लोग अपने काम धंधे पर वापस लौट चुके हैं| दुकानें खुलने लगी हैं, महफिलें भी सजने लगी है| चबूतरे पर चौपाल और सुबह सुबह चाय की दुकानों पर चुस्कियों के साथ चर्चाएं भी शुरू हो चुकी हैं| बाज़ार भी पूरी तरह से सज चूका है, भीड़ लगने लगी है| चुनाव आयोग ने तो चुनाव की तैयारी भी शुरू कर दी है| लोगों के मन में कोरोना का डर कम हो चूका है| ऐसे में लापरवाहियाँ भी आम बात हो गयी है| अभी इंटरनेट पर देखा, भारत में कोरोना से अब तक ७ लाख ६९ हज़ार से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं| बेशक ये आंकड़ा और बढेगा, और भयंकर रूप लेगा| फ़िलहाल हमें अपनी तरफ़ से हर मुमकिन कोशिश करनी होगी सुरक्षित रह पाने की| हाँ, कोरोना का इलाज या वैक्सीन अगर उपलब्ध हो जाए तो बात बने|
कई फार्मा कंपनियाँ लगी हैं कोरोना का इलाज ढूंढने में, वैक्सीन बनाने में| उन्हें कब सफलता हासिल हो कोई कुछ नहीं कह सकता| फिलहाल हमें सरकारी गाइडलाइन्स का पालन करना होगा| कोरोना वायरस जो है ना वो बहुत ही ज्यादा अभिमानी है, जब तक आप ख़ुद उसे अपने पास नहीं आने दोगे वो आपसे दूर रहेगा| उसके इसी फितरत का फ़ायदा हम ले सकते| और ये भी याद रहे, कोरोना वायरस जो है वो बहुत ही चिपकू दोस्त जो होते हैं ना बिलकुल उनके जैसा है| आप अगर चाहो की बस आप उससे अकेले में बातचीत कर लो ये संभव नहीं है| एक बार आप उसके संपर्क में आएं तो वो आपके संपर्क के बाकि सारे लोगों से संपर्क ख़ुद कर लेगा और फिर सबका नुकसान| इसलिए इससे बचना और दुरी बना कर रखना बहुत ही ज्यादा ज़रूरी है|
मास्क और सैनीटाईज़र, ये आज के समय में सच्चे दोस्त बन कर सामने आएँ हैं| जब तक आपकी इनसे दोस्ती है, आप सुरक्षित रह सकते हैं| बस आपको दिखावे के लिए इनसे दोस्ती नहीं करनी|अगर मास्क से अपने नाक और मुहँ ढक कर रखियेगा आप तो ये आपको सुरक्षा देगा| पॉकेट में रखा या गले में लटका मास्क बहुत जल्द बुरा मान जाता है, दिखावा पसंद नहीं इसे| आप सुरक्षित नहीं रह पाएंगे| सैनीटाईज़र की भी लगभग यही कहानी है| किसी भी वास्तु को छूने के बाद या किसी से मिलने के बाद अगर आप सैनीटाईज़र को भूल जायेंगे तो ये भी आपको भूल जाएगा| ऐसे में भी आप सुरक्षित नहीं रह पाएंगे|
एक बात ये भी है कि आपके साथ भले हीं बहुत अच्छे दोस्त हों, आपकी पूरी सुरक्षा प्रणाली बहुत अच्छी हो, लेकिन फिर भी, अगर आप ख़ुद पर काबू नही रख सकते तो समझो सब बेकार है| अगर आप खानपान में लापरवाही करते हो, इम्यून सिस्टम को बिगाड़ने वाली चीजों का सेवन करते हो, साफ़ सफ़ाई नही रखते हो, बेवजह इधर उधर घूमते हो, बिना काम भीड़ का हिस्सा बनते हो, लगातार बाहरी लोगों के संपर्क में आते हो, अपनी छोटी सी छोटी बीमारी को नज़रंदाज़ करते हो, वगैरह वगैरह, फिर तो क्या हीं कहे कोई आपके लिए|
याद रहे, कोरोना हमारा सबसे बड़ा दुश्मन है| और उसके ख़िलाफ़ जंग अभी ख़त्म नहीं हुई है और ना हीं आने वाले कुछ महीनों में ख़त्म होती दिख रही है| हमारा दुश्मन अपना सीना चौड़ा कर लगातार अपने हर चाल में कामयाब हो रहा है| बहुत ही कठिन समय है ये| बस किसी तरह गुज़र जाए| आने वाली पीढ़ी और उसके बाद की कई पीढियाँ इस वक़्त से सीख लेती रहेंगी| ये आपके उपर है, आप उनके लिए सही तरह से जीने की मिसाल बनना चाहते हो, या ग़लत तरह का उदाहरण|

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